Shri Ganesh Chalisa

श्री गणेश चालीसा Shri Ganesh Chalisa पाठ कहीं भी और कभी भी किया जा सकता है। … किसी भी नए काम को शुरू करने से पहले, परीक्षा या साक्षात्कार से पहले, बीमार होने पर या यात्रा करते समय उनका जाप किया जा सकता है।

श्री गणेश चालीसा सुबह यानी 5 बजे सूर्योदय के समय । 6 के बीच कहना बेहतर होगा। श्री गणेश चालीसा के लिए बहुत फायदेमंद है। साथ ही हमारे धर्म सूरु के अनुसार, वृषभ के लिए इस आरती का जप करना लाभदायक होता है। श्री गणेश चालीसा करने से आप अपने क्रोध पर नियंत्रण रख सकते हैं और अपने मन को प्रसन्न रख सकते हैं। ये राशी मंत्र वास्तव में मंत्र बीज मंत्र हैं जो किसी भी भय, बीमारी, अवरोध, भ्रम आदि को मिटाने की जन्मजात शक्ति रखते हैं। गणेश जी का चालीसा आपने दिन में २ बार पढ़ना चाहिए.

।। दोहा ।।


जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल ।
विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल ।।


Jaya Ganapati Sadaguna Sadana, Kavivara Badana Krpala .
Vighna Harana Mangala Karana, Jaya Jaya Girijalala ..



।। चौपाई ।।

जय जय जय गणपति गणराजू
मंगल भरण करण शुभः काजू
जै गजबदन सदन सुखदाता
विश्व विनायका बुद्धि विधाता
वक्र तुण्ड शुची शुण्ड सुहावना


तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन
राजत मणि मुक्तन उर माला
स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला
पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं
मोदक भोग सुगन्धित फूलं
सुन्दर पीताम्बर तन साजित


चरण पादुका मुनि मन राजित
धनि शिव सुवन षडानन भ्राता
गौरी लालन विश्व-विख्याता
ऋद्धि-सिद्धि तव चंवर सुधारे
मुषक वाहन सोहत द्वारे
कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी
अति शुची पावन मंगलकारी
एक समय गिरिराज कुमारी


पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी
भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा
तब पहुंच्यो तुम धरी द्विज रूपा
अतिथि जानी के गौरी सुखारी
बहुविधि सेवा करी तुम्हारी
अति प्रसन्न हवै तुम वर दीन्हा
मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा


मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला
बिना गर्भ धारण यहि काला
गणनायक गुण ज्ञान निधाना
पूजित प्रथम रूप भगवाना

अस कही अन्तर्धान रूप हवै
पालना पर बालक स्वरूप हवै
बनि शिशु रुदन जबहिं तुम ठाना
लखि मुख सुख नहिं गौरी समाना


सकल मगन, सुखमंगल गावहिं
नाभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं
शम्भु, उमा, बहुदान लुटावहिं
सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं

लखि अति आनन्द मंगल साजा
देखन भी आये शनि राजा
निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं
बालक, देखन चाहत नाहीं


गिरिजा कछु मन भेद बढायो
उत्सव मोर, न शनि तुही भायो
कहत लगे शनि, मन सकुचाई
का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई
नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ
शनि सों बालक देखन कहयऊ
पदतहिं शनि दृग कोण प्रकाशा
बालक सिर उड़ि गयो अकाशा

गिरिजा गिरी विकल हवै धरणी
सो दुःख दशा गयो नहीं वरणी
हाहाकार मच्यौ कैलाशा


शनि कीन्हों लखि सुत को नाशा
तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो
काटी चक्र सो गज सिर लाये
बालक के धड़ ऊपर धारयो
प्राण मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो
नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे
प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वर दीन्हे

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा
पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा
चले षडानन, भरमि भुलाई
रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई
चरण मातु-पितु के धर लीन्हें


तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें
धनि गणेश कही शिव हिये हरषे
नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे
तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई
शेष सहसमुख सके न गाई

मैं मतिहीन मलीन दुखारी
करहूं कौन विधि विनय तुम्हारी
भजत रामसुन्दर प्रभुदासा
जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा
अब प्रभु दया दीना पर कीजै
अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै

Chaupai english Version.


Jaya Jaya Jaya Ganapati Ganaraju .
Mangala Bharana Karana Subhah Kaju .
Jai Gajabadana Sadana Sukhadata .


Visva Vinayaka Bud’dhi Vidhata .
Vakra Tunda Suci Sunda Suhavana .
Tilaka Tripunda Bhala Mana Bhavana .

Rajata Mani Muktana Ura Mala .
Svarna Mukuta Sira Nayana Visala .
Pustaka Pani Kuthara Trisulam .


Modaka Bhoga Sugandhita Ghulam .
Sundara Pitambara Tana Sajita .
Carana Paduka Muni Mana Rajita .

Dhani Siva Suvana Sadanana Bhrata .
Gauri Lalana Visva-vikhyata .
Rd’dhi-sid’dhi Tava Canvara Sudhare .


Musaka Vahana Sohata Dvare .
Kahau Janma Subha Katha Tumhari .
Ati Suci Pavana Mangalakari .
Eka Samaya Giriraja Kumari .
Putra Hetu Tapa Kinha Bhari .


Bhayo Yajna Jaba Purna Anupa .
Taba Pahuncyo Tuma Dhari Dvija Rupa .
Atithi Jani Ke Gauri Sukhari .
Bahuvidhi Seva Kari Tumhari .

Ati Prasanna Havai Tuma Vara Dinha .
Matu Putra Hita Jo Tapa Kinha .
Milahi Putra Tuhi, Bud’dhi Visala .
Bina Garbha Dharana Yahi Kala .
Gananayaka Guna Jnana Nidhana .


Pujita Prathama Rupa Bhagavana .
Asa Kahi Antardhana Rupa Havai .
Palana Para Balaka Svarupa Havai .
Bani Sisu Rudana Jabahim Tuma Thana .
Lakhi Mukha Sukha Nahim Gauri Samana .
Sakala Magana, Sukhamangala Gavahi.


Shri Ganesh Chalisa – श्री गणेश चालीसा


।। दोहा ।।
श्री गणेशा यह चालीसा, पाठ करै कर ध्यान ।
नित नव मंगल गृह बसै, लहे जगत सन्मान ।।
सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश, ऋषि पंचमी दिनेश ।
पूरण चालीसा भयो, मंगल मूर्ती गणेश ।।


Doha ..
Sri Ganesa Yaha Calisa, Patha Karai Kara Dhyana .
Nita Nava Mangala Grha Basai, Lahe Jagata Sanmana ..
Sambandha Apane Sahastra Dasa, Rsi Pancami Dinesa .
Purana Calisa Bhayo, Mangala Murti Ganesa ..

Shri Ganesh Chalisa – श्री गणेश चालीसा

List of Lord Ganesha Mantras -Ganesha Mantra List

By sandip

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