June 22, 2021

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Aarti & Mantra Sangrah of Hindu Gods and Goddesses

Jai Ambe Mata Aarti जय अम्बे माता आरती Lyrics in Hindi

जय अम्बे माता आरती Jai Ambe Mata Aarti का पाठ कहीं भी और कभी भी किया जा सकता है। … किसी भी नए काम को शुरू करने से पहले, परीक्षा या साक्षात्कार से पहले, बीमार होने पर या यात्रा करते समय उनका जाप किया जा सकता है। ये राशी मंत्र वास्तव में मंत्र बीज मंत्र हैं जो किसी भी भय, बीमारी, अवरोध, भ्रम आदि को मिटाने की जन्मजात शक्ति रखते हैं।

सुबह यानी 5 बजे सूर्योदय के समय जय अम्बे माता आरती । 6 के बीच कहना बेहतर होगा। जय अम्बे माता की आरती के लिए बहुत फायदेमंद है। साथ ही हमारे धर्म सूरु के अनुसार, मेधा और कन्या के लिए इस आरती का जाप करना लाभदायक होता है। जय अम्बे माता की आरती का जाप करने से आप अपने क्रोध पर नियंत्रण रख सकते हैं और अपने मन को प्रसन्न रख सकते हैं।

Jai Ambe Mata Aarti – जय अम्बे माता आरती

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri
Tumko Nishidin dhyavat, Tumko Nishidin dhyavat
Hari Brahma Shivari Jai Ambe Gauri

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri
Tumko Nishidin dhyavat, Tumko Nishidin dhyavat
Hari Brahma Shivari Jai Ambe Gauri

माँग सिन्दूर विराजत, टीको जगमग तो
उज्जवल से दो‌ नैना, चन्द्रवदन नीको
ॐ जय अम्बे गौरी

Maang sindoor virajat
ujjawal se do naina chandravadan niko
Om Jai Ambe Gauri

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै
ॐ जय अम्बे गौरी

Kanak Samana Kalevar, Raktambar Raja
Raktapushpa galmala, kanthan par saaje
ॐ Jai Ambe Gauri

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी
ॐ जय अम्बे गौरी

Kehari vahan Rajat, Kharag Khapdhari
Sur-Nar-Muni-Jan Sevat, tinke Dukhari
Om Jai Ambe Gauri

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी

Kanan Kundal Shobhit, Nasagre Moti
Kotik Chandra Diwakar, Sama Rajat Jyoti
Om Jai Ambe Gauri

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती
ॐ जय अम्बे गौरी

Shiva-Nishumbh Bidare, Mahishasura Ghati
Dhrum Villochan Naina, Drum Madamati
Om Jai Ambe Gauri

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे
ॐ जय अम्बे गौरी

Chand mund sanhare , shonit beej hare
madhu kaitabh maare , sur bhayhin kare
Om Jai Ambe Gauri

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी
आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी
ॐ जय अम्बे गौरी

Brahmani Rudrani Tum Kamala Rani
Agam Nigam Bakhani, you Shiva Patrani
Om Jai Ambe Gauri

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरव
बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरु
ॐ जय अम्बे गौरी

chaunsath yogini gavat, dancing Bhairav
Bajat Tal Mridanga, and Bajat Damru
ॐ Jai Ambe Gauri

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता
भक्‍तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता
ॐ जय अम्बे गौरी

Tum hi jag ki mata, tum hi bharta
bhaktan ki dukh harta , sukh sampatti karta
Om Jai Ambe Gauri

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी
ॐ जय अम्बे गौरी

bhuja chaar ati shobhit , ar mudra dhari
manvachhit fal pawar, sevat nar-naari
Om Jai Ambe Gauri

कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी

Kanchan thal virajat, agar kapoor baati
shreemalketu me rajat , Koti Ratan Jyoti
Om Jai Ambe Gauri

श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै
ॐ जय अम्बे गौरी

shree Ambeji ki aarti , Koi Nara Gavai
kahat Shivanand Swamy, sukh sampatti paave
Om Jai Ambe Gauri

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुमको निशिदिन ध्यावत, तुमको निशिदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी ॐ जय अम्बे गौरी

Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri
Tumko Nishidin dhyavat, Tumko Nishidin dhyavat
Hari Brahma Shivari Jai Ambe Gauri

जय अम्बे माता आरती Jai Ambe Mata Aarti

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